Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.283.40: यदि इसी समय मैं आपकी आज्ञा से आपको और आपकी सेना को लंका जाने का मार्ग दे दूँ, तो दूसरे लोग भी अपने धनुष के बल से मुझे उसी प्रकार आज्ञा देंगे॥40॥ | mahabharat अध्याय 3.283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि दास्यामि ते मार्गं सैन्यस्य व्रजतोऽऽज्ञया।
अन्येऽप्याज्ञापयिष्यन्ति मामेवं धनुषो बलात्॥ ४०॥
अनुवाद
यदि इसी समय मैं आपकी आज्ञा से आपको और आपकी सेना को लंका जाने का मार्ग दे दूँ, तो दूसरे लोग भी अपने धनुष के बल से मुझे उसी प्रकार आज्ञा देंगे॥40॥
If at this moment, with your permission, I give way to you and your army going to Lanka, then others will also command me in the same way with the power of their bows.॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥