Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.283.28: हमारे पास इतनी बड़ी सेना को पार ले जाने के लिए पर्याप्त नावें नहीं हैं। (यदि हम कहें कि हम व्यापारियों के जहाजों का उपयोग करते हैं, तो) मेरे जैसा मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए व्यापारियों के व्यापार को कैसे हानि पहुँचा सकता है?॥ 28॥ | mahabharat अध्याय 3.283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नावो न सन्ति सेनाया बह्वॺस्तारयितुं तथा।
वणिजामुपघातं च कथमस्मद्विधश्चरेत्॥ २८॥
अनुवाद
हमारे पास इतनी बड़ी सेना को पार ले जाने के लिए पर्याप्त नावें नहीं हैं। (यदि हम कहें कि हम व्यापारियों के जहाजों का उपयोग करते हैं, तो) मेरे जैसा मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए व्यापारियों के व्यापार को कैसे हानि पहुँचा सकता है?॥ 28॥
‘We do not have enough boats to ferry such a large army across. (If we say, we use the merchants' ships, then) how can a man like me harm the business of the merchants for his own selfish reasons?॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥