Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.283.13: वानरों की वह विशाल सेना पूर्ण समुद्र के समान प्रतीत हो रही थी। उस समय सुग्रीव की आज्ञा से सारी सेना ने माल्यवान पर्वत के पास डेरा डाला।   |   mahabharat अध्याय 3.283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.283.13 
स वानरमहासैन्य: पूर्णसागरसंनिभ:।
निवेशमकरोत् तत्र सुग्रीवानुमते तदा॥ १३॥
 
 
अनुवाद
वानरों की वह विशाल सेना पूर्ण समुद्र के समान प्रतीत हो रही थी। उस समय सुग्रीव की आज्ञा से सारी सेना ने माल्यवान पर्वत के पास डेरा डाला।
 
That huge army of monkeys looked like a full ocean. At that time, by the order of Sugreeva, the entire army camped near the Malyavan mountain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)