Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.283.10: उनके शरीर पर्वत शिखरों के समान प्रतीत हो रहे थे। वे सब-के-सब सिंहों के समान गर्जना करते हुए इधर-उधर दौड़ रहे थे। उन सबकी सम्मिलित ध्वनि अत्यन्त भयानक प्रतीत हो रही थी॥10॥ | mahabharat अध्याय 3.283: वानर-सेनाका संगठन, सेतुका निर्माण, विभीषणका अभिषेक और लंकाकी सीमामें सेनाका प्रवेश तथा अंगदको रावणके पास दूत बनाकर भेजना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उनके शरीर पर्वत शिखरों के समान प्रतीत हो रहे थे। वे सब-के-सब सिंहों के समान गर्जना करते हुए इधर-उधर दौड़ रहे थे। उन सबकी सम्मिलित ध्वनि अत्यन्त भयानक प्रतीत हो रही थी॥10॥
Their bodies looked like the peaks of mountains. All of them roared like lions and ran here and there. The combined sound of all of them seemed very terrifying.॥10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥