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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  3.282.63 
त्वद्दर्शनमभिप्रेप्सुरिह प्राप्तो विहायसा।
राजपुत्रौ कुशलिनौ भ्रातरौ रामलक्ष्मणौ॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
'मैं आकाश मार्ग से आपसे मिलने आया हूँ। दोनों भाई, राजकुमार राम और लक्ष्मण, कुशलपूर्वक हैं।'
 
‘I have come here through the sky to see you. Both the brothers, Prince Rama and Lakshmana are well.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)