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mahabharat 3.282.54-55h: तब मैंने सम्पाती को तुम पर आई हुई विपत्ति का सारा वृत्तांत तथा अपने आमरण व्रत का कारण विस्तारपूर्वक बताया॥54 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 3.282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना  »  श्लोक 54-55h
 
 
श्लोक  3.282.54-55h 
तस्याहं सर्वमेवैतद् भवतो व्यसनागमम्॥ ५४॥
प्रायोपवेशने चैव हेतुं विस्तरशोऽब्रुवम्।
 
 
अनुवाद
तब मैंने सम्पाती को तुम पर आई हुई विपत्ति का सारा वृत्तांत तथा अपने आमरण व्रत का कारण विस्तारपूर्वक बताया॥54 1/2॥
 
‘Then I narrated to Sampati in detail the whole story of the calamity that had befallen you and the reason for my fast unto death.॥ 54 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)