Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.282.5: लक्ष्मण! जाकर पता लगाओ कि वानरराज सुग्रीव किष्किन्धा में क्या कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि स्वार्थ-कला में निपुण कृतघ्न सुग्रीव विषय-भोगों में लीन होकर अपना कर्तव्य भूल गए हैं॥5॥   |   mahabharat अध्याय 3.282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.282.5 
गच्छ लक्ष्मण जानीहि किष्किन्धायां कपीश्वरम्।
प्रमत्तं ग्राम्यधर्मेषु कृतघ्नं स्वार्थपण्डितम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
लक्ष्मण! जाकर पता लगाओ कि वानरराज सुग्रीव किष्किन्धा में क्या कर रहे हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि स्वार्थ-कला में निपुण कृतघ्न सुग्रीव विषय-भोगों में लीन होकर अपना कर्तव्य भूल गए हैं॥5॥
 
Laxmana! Go and find out what the monkey king Sugreeva is doing in Kishkinda. It seems that the ungrateful Sugreeva, adept in the art of self-interest, has forgotten his duty, engrossed in sensual pleasures.॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)