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mahabharat 3.282.46: अन्त में हम सब उपवासपूर्वक प्राण त्यागने का निश्चय करके बैठ गये। फिर हम आपस में बातें करने लगे और जटायु का विषय निकल आया॥46॥   |   mahabharat अध्याय 3.282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  3.282.46 
तत्रानशनसंकल्पं कृत्वाऽऽसीना वयं तदा।
तत: कथान्ते गृध्रस्य जटायोरभवत् कथा॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
अन्त में हम सब उपवासपूर्वक प्राण त्यागने का निश्चय करके बैठ गये। फिर हम आपस में बातें करने लगे और जटायु का विषय निकल आया॥46॥
 
‘Finally we all sat down with the resolve to give up our lives by fasting. Then we started talking amongst ourselves and the topic of Jatayu came up.॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)