Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.282.39-40: वह कई योजन लंबी थी। वह अंधकार से भरी हुई थी। उसके भीतर घने जंगल थे। उस गहरी गुफा में अनेक कीड़े-मकोड़े रहते थे। उसमें प्रवेश करने के बाद, हमने एक लंबी दूरी तय की। उसके बाद, हमें सूर्य का प्रकाश दिखाई दिया। उस गुफा के भीतर एक दिव्य भवन चमक रहा था। 39-40. | mahabharat अध्याय 3.282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह कई योजन लंबी थी। वह अंधकार से भरी हुई थी। उसके भीतर घने जंगल थे। उस गहरी गुफा में अनेक कीड़े-मकोड़े रहते थे। उसमें प्रवेश करने के बाद, हमने एक लंबी दूरी तय की। उसके बाद, हमें सूर्य का प्रकाश दिखाई दिया। उस गुफा के भीतर एक दिव्य भवन चमक रहा था। 39-40.
‘It was several yojanas long. It was full of darkness. There were dense forests inside it. Many insects used to live in that deep cave. After entering it, we covered a long distance. After that, we saw the light of the sun. A divine building was shining inside that cave. 39-40.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥