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mahabharat 3.282.31: जब हनुमान् आदि श्रेष्ठ वानरों ने विश्राम कर लिया, तब वे वानरराज सुग्रीव के पास गए, जो श्री राम और लक्ष्मण के पास बैठे थे॥31॥   |   mahabharat अध्याय 3.282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  3.282.31 
हनुमत्प्रमुखाश्चापि विश्रान्तास्ते प्लवङ्गमा:।
अभिजग्मुर्हरीन्द्रं तं रामलक्ष्मणसंनिधौ॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
जब हनुमान् आदि श्रेष्ठ वानरों ने विश्राम कर लिया, तब वे वानरराज सुग्रीव के पास गए, जो श्री राम और लक्ष्मण के पास बैठे थे॥31॥
 
After Hanuman and other great monkeys took rest, they went to the monkey king Sugriva who was sitting near Shri Ram and Lakshman. 31॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)