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mahabharat 3.282.24: वहाँ आये वानरों ने भगवान राम को बताया कि उन्होंने सम्पूर्ण पृथ्वी को समुद्र से घिरा हुआ देखा है, किन्तु उन्हें सीता या रावण कहीं भी नहीं दिखाई दिया।   |   mahabharat अध्याय 3.282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.282.24 
आचख्युस्तत्र रामाय महीं सागरमेखलाम्।
विचितां न तु वैदेह्या दर्शनं रावणस्य वा॥ २४॥
 
 
अनुवाद
वहाँ आये वानरों ने भगवान राम को बताया कि उन्होंने सम्पूर्ण पृथ्वी को समुद्र से घिरा हुआ देखा है, किन्तु उन्हें सीता या रावण कहीं भी नहीं दिखाई दिया।
 
The monkeys who had come there told Lord Rama that they had seen the entire earth surrounded by the ocean, but they had not seen Sita or Ravana anywhere. 24.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)