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mahabharat 3.282.23: इसके बाद जब महीना पूरा हुआ तो तीन दिशाओं में खोज करने के बाद हजारों वानर सरदार वहाँ आ पहुँचे। केवल वे ही नहीं आए जो दक्षिण दिशा में खोजने गए थे।   |   mahabharat अध्याय 3.282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.282.23 
इत्येवं वानरेन्द्रास्ते समाजग्मु: सहस्रश:।
दिशस्तिस्रो विचित्याथ न तु ये दक्षिणां गता:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
इसके बाद जब महीना पूरा हुआ तो तीन दिशाओं में खोज करने के बाद हजारों वानर सरदार वहाँ आ पहुँचे। केवल वे ही नहीं आए जो दक्षिण दिशा में खोजने गए थे।
 
After this, when the month was over, thousands of monkey chiefs came there after searching in three directions. Only those who had gone to search in the southern direction did not come.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)