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mahabharat 3.282.22: तत्पश्चात् वे सुग्रीव के साथ माल्यवान पर्वत के पीछे रहने वाले श्री रामचन्द्रजी के पास गए और वहाँ उन्होंने बताया कि सीताका पर शोधकार्य आरम्भ हो गया है॥22॥   |   mahabharat अध्याय 3.282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 282: श्रीरामका सुग्रीवपर कोप, सुग्रीवका सीताकी खोजमें वानरोंको भेजना तथा श्रीहनुमान‍्जीका लौटकर अपनी लंकायात्राका वृत्तान्त निवेदन करना  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.282.22 
स रामं सहसुग्रीवो माल्यवत्पृष्ठमास्थितम्।
अभिगम्योदयं तस्य कार्यस्य प्रत्यवेदयत्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वे सुग्रीव के साथ माल्यवान पर्वत के पीछे रहने वाले श्री रामचन्द्रजी के पास गए और वहाँ उन्होंने बताया कि सीताका पर शोधकार्य आरम्भ हो गया है॥22॥
 
After that, he along with Sugriva went to Shri Ramchandraji who lived behind the Malyavan mountain. There he told that the research work on Sitka has started. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)