Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.280.74: इतने में ही वे अत्यंत क्रूर स्वभाव वाली भयंकर चुड़ैलें रावण के दरबार से लौट आईं। उन्होंने आकर देखा कि सीता पहले की तरह त्रिजटा के साथ अपने स्थान पर बैठी हुई हैं। | mahabharat अध्याय 3.280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इतने में ही वे अत्यंत क्रूर स्वभाव वाली भयंकर चुड़ैलें रावण के दरबार से लौट आईं। उन्होंने आकर देखा कि सीता पहले की तरह त्रिजटा के साथ अपने स्थान पर बैठी हुई हैं।
Meanwhile, those fierce witches with extremely cruel nature returned from Ravana's court. On their arrival, they saw that Sita was sitting with Trijata in her place as before. 74.
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि रामोपाख्यानपर्वणि त्रिजटाकृतसीतासान्त्वने अशीत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २८०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत रामोपाख्यानपर्वमें त्रिजटाद्वारा सीताको आश्वासनविषयक दो सौ अस्सीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २८०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥