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mahabharat 3.280.68: उनके चारों मंत्री भी श्वेत माला और चंदन से सुशोभित होकर श्वेत पर्वत के शिखर पर बैठे थे; अतः विभीषण के साथ वे भी आने वाले महान भय से मुक्त हो जाएँगे ॥68॥   |   mahabharat अध्याय 3.280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  3.280.68 
सचिवाश्चास्य चत्वार: शुक्लमाल्यानुलेपना:।
श्वेतपर्वतमारूढा मोक्ष्यन्तेऽस्मान्महाभयात्॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
उनके चारों मंत्री भी श्वेत माला और चंदन से सुशोभित होकर श्वेत पर्वत के शिखर पर बैठे थे; अतः विभीषण के साथ वे भी आने वाले महान भय से मुक्त हो जाएँगे ॥68॥
 
His four ministers were also decorated with white garlands and sandalwood and were sitting on the peak of the White Mountain; Therefore, along with Vibhishana, they will also be freed from the great fear to come. 68॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)