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mahabharat 3.280.39: बाली के वध के बाद किष्किंदापुरी अनाथ हो गई और चंद्रमुखी तारा सुग्रीव को प्राप्त हुई। 39.   |   mahabharat अध्याय 3.280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  3.280.39 
हते वालिनि सुग्रीव: किष्किन्धां प्रत्यपद्यत।
तां च तारापतिमुखीं तारां निपतितेश्वराम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
बाली के वध के बाद किष्किंदापुरी अनाथ हो गई और चंद्रमुखी तारा सुग्रीव को प्राप्त हुई। 39.
 
After Vali was killed, Kishkindapuri became orphan and Chandramukhi Tara was obtained by Sugreeva. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)