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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  3.280.37 
स भिन्नहृदयो वाली वक्राच्छोणितमुद्वमन्।
ददर्शावस्थितं रामं तत: सौमित्रिणा सह॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
इससे बालि की छाती फट गई और वह मुँह से रक्त वमन करने लगा। सामने ही उसने देखा कि श्री राम, लक्ष्मण सहित खड़े हैं। 37.
 
Due to this, Vali's chest was torn and he started vomiting blood from his mouth. Right in front of him he saw Shri Ram standing with Lakshman. 37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)