Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.280.35-36: महाधनुर्धर श्री रामचंद्रजी ने सुग्रीव को चिन्ह धारण करते देख, अपने विशाल धनुष को वालि पर साधा। उस धनुष की ध्वनि किसी यंत्र की भयंकर ध्वनि के समान थी। उसे सुनकर वालि भयभीत हो गया। इसी बीच, श्री राम का बाण उसकी छाती पर जोर से लगा। | mahabharat अध्याय 3.280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाधनुर्धर श्री रामचंद्रजी ने सुग्रीव को चिन्ह धारण करते देख, अपने विशाल धनुष को वालि पर साधा। उस धनुष की ध्वनि किसी यंत्र की भयंकर ध्वनि के समान थी। उसे सुनकर वालि भयभीत हो गया। इसी बीच, श्री राम का बाण उसकी छाती पर जोर से लगा।
The great archer Shri Ramchandraji, seeing Sugreeva wearing the symbol, aimed his great bow at Vali. The sound of that bow was like the terrifying sound of a machine. Vali became frightened on hearing it. In the meantime, Shri Ram's arrow struck him hard on his chest.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥