Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.280.28: वालि की यह बात सुनकर शत्रुओं का संहार करने वाले सुग्रीव ने मानो भगवान राम को सारी स्थिति से अवगत कराते हुए अपने भाई से अवसर के अनुकूल युक्तियुक्त वचन कहे। | mahabharat अध्याय 3.280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वालि की यह बात सुनकर शत्रुओं का संहार करने वाले सुग्रीव ने मानो भगवान राम को सारी स्थिति से अवगत कराते हुए अपने भाई से अवसर के अनुकूल युक्तियुक्त वचन कहे।
On hearing Vali say this, Sugreeva, the slayer of enemies, as if informing Lord Rama of the situation, spoke to his brother reasonable words appropriate to the occasion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥