श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  3.280.24 
सर्व एते महात्मानो बुद्धिमन्तो महाबला:।
अलं तव विनाशाय रामवीर्यबलाश्रयात्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
वे सभी महाबुद्धिमान, बुद्धिमान और अत्यन्त बलशाली हैं। श्री रामचन्द्र के बल और पराक्रम के सहारे ये लोग तुम्हारा वध करने में समर्थ हैं।॥24॥
 
All of them are great minded, intelligent and very powerful. With the support of Shri Ramchandra's strength and valour, these people are capable of killing you.'॥ 24॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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