श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  3.280.23 
मैन्दश्च द्विविदश्चापि हनूमांश्चानिलात्मज:।
जाम्बवानृक्षराजश्च सुग्रीवसचिवा: स्थिता:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
इनके अलावा मैन्द, द्विविद, वायुपुत्र हनुमान और ऋक्षराज जाम्बवान- ये सुग्रीव के चार मंत्री हैं। 23॥
 
Apart from these, Mainda, Dwivid, Vayuputra Hanuman and Riksharaj Jambavan - these are the four ministers of Sugriva. 23॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas