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mahabharat 3.280.14: इसके साथ ही उन्होंने युद्ध में बालि को मारने की भी प्रतिज्ञा की। हे राजन! फिर सुग्रीव ने भी विदेहनन्दिनी सीता को पुनः खोजने की प्रतिज्ञा की॥ 14॥   |   mahabharat अध्याय 3.280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.280.14 
प्रतिजज्ञे च काकुत्स्थ: समरे वालिनो वधम्।
सुग्रीवश्चापि वैदेह्या: पुनरानयनं नृप॥ १४॥
 
 
अनुवाद
इसके साथ ही उन्होंने युद्ध में बालि को मारने की भी प्रतिज्ञा की। हे राजन! फिर सुग्रीव ने भी विदेहनन्दिनी सीता को पुनः खोजने की प्रतिज्ञा की॥ 14॥
 
Along with this he also made a vow to kill Vali in the war. O King! Then Sugreeva also made a vow to find Videhanandini Sita again.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)