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mahabharat 3.280.12: जब राम ने सुग्रीव को अपना कार्य समझाया, तब उसने वह वस्त्र दिखाया, जिसे सीता ने अपहरण के समय वानरों में फेंक दिया था ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 3.280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.280.12 
तद् वासो दर्शयामासुस्तस्य कार्ये निवेदिते।
वानराणां तु यत् सीता ह्रियमाणा व्यपासृजत्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
जब राम ने सुग्रीव को अपना कार्य समझाया, तब उसने वह वस्त्र दिखाया, जिसे सीता ने अपहरण के समय वानरों में फेंक दिया था ॥12॥
 
When Rama explained his task to Sugreeva, he showed him the cloth which Sita had thrown among the monkeys during her abduction. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)