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श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.280.11 
तेन सम्भाष्य पूर्वं तौ सुग्रीवमभिजग्मतु:।
सख्यं वानरराजेन चक्रे रामस्तदा नृप॥ ११॥
 
 
अनुवाद
उनसे बातचीत करने के बाद दोनों भाई सुग्रीव के पास गए। हे राजन! उस समय भगवान राम ने वानरराज सुग्रीव से मित्रता कर ली थी।
 
After having talked to them first, both the brothers went to Sugreeva. O King! At that time Lord Rama made friendship with the monkey king Sugreeva.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)