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mahabharat 3.280.10: हिमालय के समान गम्भीर भाव से बैठे हुए सुग्रीव ने अपने बुद्धिमान सचिव हनुमान को उन दोनों के पास भेजा॥10॥   |   mahabharat अध्याय 3.280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 280: राम और सुग्रीवकी मित्रता, वाली और सुग्रीवका युद्ध, श्रीरामके द्वारा वालीका वध तथा लंकाकी अशोकवाटिकामें राक्षसियोंद्वारा डरायी हुई सीताको त्रिजटाका आश्वासन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.280.10 
सुग्रीव: प्रेषयामास सचिवं वानरं तयो:।
बुद्धिमन्तं हनूमन्तं हिमवन्तमिव स्थितम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हिमालय के समान गम्भीर भाव से बैठे हुए सुग्रीव ने अपने बुद्धिमान सचिव हनुमान को उन दोनों के पास भेजा॥10॥
 
Sugriva, sitting as solemn as the Himalayas, sent his wise secretary Hanuman to both of them. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)