Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.28.34: (द्रौपदी कहती है -) हे पुरुषों! धृतराष्ट्र के पुत्र लोभी हैं और सदैव आपकी हानि करते रहते हैं; अतः मेरी राय में यही उचित समय है कि आप उनके विरुद्ध अपनी प्रतिभा का प्रयोग करें। | mahabharat अध्याय 3.28: द्रौपदीद्वारा प्रह्लाद-बलि-संवादका वर्णन—तेज और क्षमाके अवसर । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
(द्रौपदी कहती है -) हे पुरुषों! धृतराष्ट्र के पुत्र लोभी हैं और सदैव आपकी हानि करते रहते हैं; अतः मेरी राय में यही उचित समय है कि आप उनके विरुद्ध अपनी प्रतिभा का प्रयोग करें।
(Draupadi says -) O Lord of men! The sons of Dhritarashtra are greedy and always harm you; therefore, in my opinion, this is the right time to use your brilliance against them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥