Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.28.33: इस प्रकार ये क्षमा के अवसर कहे गए हैं। इनके विपरीत आचरण करने वालों को सन्मार्ग पर लाने के लिए इन्हें आक्रामक आचरण का अवसर कहा गया है॥33॥ | mahabharat अध्याय 3.28: द्रौपदीद्वारा प्रह्लाद-बलि-संवादका वर्णन—तेज और क्षमाके अवसर । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एत एवंविधा: काला: क्षमाया: परिकीर्तिता:।
अतोऽन्यथानुवर्तत्सु तेजस: काल उच्यते॥ ३३॥
अनुवाद
इस प्रकार ये क्षमा के अवसर कहे गए हैं। इनके विपरीत आचरण करने वालों को सन्मार्ग पर लाने के लिए इन्हें आक्रामक आचरण का अवसर कहा गया है॥33॥
In this way, these are mentioned as occasions for forgiveness. In order to bring those who behave contrary to these on the right path, it is said to be an occasion for aggressive behaviour.॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥