श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 279: रावणद्वारा जटायुका वध, श्रीरामद्वारा उसका अन्त्येष्टि-संस्कार, कबन्धका वध तथा उसके दिव्य स्वरूपसे वार्तालाप  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  3.279.41 
पप्रच्छ रामस्तं वाग्मी कस्त्वं प्रब्रूहि पृच्छत:।
कामया किमिदं चित्रमाश्चर्यं प्रतिभाति मे॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
तब कुशल वक्ता भगवान श्री राम ने उनसे पूछा - 'आप कौन हैं? अपना परिचय दीजिए। जब ​​मैं आपसे पूछूँ, तब अपनी इच्छानुसार मुझे बताइए कि यह कैसी अद्भुत और आश्चर्यजनक घटना है?'॥ 41॥
 
Then the skilled orator Lord Shri Ram asked him - 'Who are you? Introduce yourself. When I ask you, tell me as per your wish, what kind of wonderful and astonishing incident is this?'॥ 41॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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