Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.279.28: जंगल के जानवरों की भयानक आवाज़ से ऐसा लग रहा था मानो जंगल की आग हर जगह फैल रही हो और भयभीत जीव दर्द से कराह रहे हों। कुछ ही क्षणों में दोनों भाइयों ने अपने सामने एक धड़ देखा, जो बेहद भयानक लग रहा था। | mahabharat अध्याय 3.279: रावणद्वारा जटायुका वध, श्रीरामद्वारा उसका अन्त्येष्टि-संस्कार, कबन्धका वध तथा उसके दिव्य स्वरूपसे वार्तालाप । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जंगल के जानवरों की भयानक आवाज़ से ऐसा लग रहा था मानो जंगल की आग हर जगह फैल रही हो और भयभीत जीव दर्द से कराह रहे हों। कुछ ही क्षणों में दोनों भाइयों ने अपने सामने एक धड़ देखा, जो बेहद भयानक लग रहा था।
The terrifying sound of the forest animals seemed as if a forest fire was spreading everywhere and the frightened creatures were wailing in pain. Within a few moments, both the brothers saw a torso in front of them, which looked extremely terrifying.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥