vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 279: रावणद्वारा जटायुका वध, श्रीरामद्वारा उसका अन्त्येष्टि-संस्कार, कबन्धका वध तथा उसके दिव्य स्वरूपसे वार्तालाप
»
श्लोक 16
श्लोक
3.279.16
गर्हयन्नेव रामस्तु त्वरितस्तं समासदत्।
अपि जीवति वैदेही नेति पश्यामि लक्ष्मण॥ १६॥
अनुवाद
उपरोक्त प्रकार से लक्ष्मण को डाँटकर श्री राम तुरन्त उनके पास आये और बोले, 'लक्ष्मण! मैं देखूँगा कि सीता जीवित है या नहीं।'
Having rebuked Lakshmana in the above manner, Sri Rama immediately came to him and said, 'Laxmana! I will see whether Sita is alive or not.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×