Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.279.15: मृगरूपी राक्षस मुझे आश्रम से घसीटकर ले गया और मेरा भाई भी आश्रम छोड़कर मेरे पास आ गया', ऐसा सोचकर भगवान राम हृदय में व्याकुल हो गए ॥15॥ | mahabharat अध्याय 3.279: रावणद्वारा जटायुका वध, श्रीरामद्वारा उसका अन्त्येष्टि-संस्कार, कबन्धका वध तथा उसके दिव्य स्वरूपसे वार्तालाप । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मृगरूपी राक्षस मुझे आश्रम से घसीटकर ले गया और मेरा भाई भी आश्रम छोड़कर मेरे पास आ गया', ऐसा सोचकर भगवान राम हृदय में व्याकुल हो गए ॥15॥
The demon in the form of a deer dragged me away from the ashram and my brother too left the ashram unprotected and came to me', thinking this, Lord Rama became distressed in his heart. ॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥