Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.278.11-12: तब दशानन ने उससे कहा, "तुम एक सुन्दर मृग का रूप धारण करो जिसके सींग रत्नजड़ित प्रतीत होते हैं और जिसके शरीर के रोएँ भी रत्नों के समान रंग-बिरंगे दिखाई देते हैं। फिर राम के आश्रम में जाकर सीता को मोहित करो। तुम्हें देखकर सीता अवश्य ही राम से इस मृग को पकड़ने का अनुरोध करेंगी।" ॥11-12॥ | mahabharat अध्याय 3.278: मृगरूपधारी मारीचका वध तथा सीताका अपहरण । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब दशानन ने उससे कहा, "तुम एक सुन्दर मृग का रूप धारण करो जिसके सींग रत्नजड़ित प्रतीत होते हैं और जिसके शरीर के रोएँ भी रत्नों के समान रंग-बिरंगे दिखाई देते हैं। फिर राम के आश्रम में जाकर सीता को मोहित करो। तुम्हें देखकर सीता अवश्य ही राम से इस मृग को पकड़ने का अनुरोध करेंगी।" ॥11-12॥
Then Dashanan said to him, "You assume the form of a beautiful deer whose horns appear to be made of gems and whose body hairs also look colorful like gems. Then go to Rama's hermitage and entice Sita. On seeing you, Sita will surely request Rama to catch this deer." ॥ 11-12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥