Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.277.49: कौन तीक्ष्ण भाले के पास जाकर उसे अपने सब अंगों में चुभाना चाहता है? कौन मूर्ख अपने सिर पर अग्नि रखकर बिना किसी विघ्न के सुखपूर्वक सोता है?॥49॥ | mahabharat अध्याय 3.277: श्रीरामके राज्याभिषेककी तैयारी, रामवनगमन, भरतकी चित्रकूटयात्रा, रामके द्वारा खर-दूषण आदि राक्षसोंका नाश तथा रावणका मारीचके पास जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कौन तीक्ष्ण भाले के पास जाकर उसे अपने सब अंगों में चुभाना चाहता है? कौन मूर्ख अपने सिर पर अग्नि रखकर बिना किसी विघ्न के सुखपूर्वक सोता है?॥49॥
‘Who wants to go near a sharp spear and pierce it in all his body parts? Which fool keeps a fire on his head and sleeps peacefully without any disturbance?॥ 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥