Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.277.43-44: तपस्वी मुनियों की रक्षा के लिए धर्मवत्सल श्री रामचन्द्र जी ने महाबली खर और दूषण को मारकर वहाँ चौदह हजार राक्षसों का वध किया और बुद्धिमान रघुनाथ जी ने उस वन को पुनः मंगलमय पवित्र स्थान बना दिया ॥43-44॥ | mahabharat अध्याय 3.277: श्रीरामके राज्याभिषेककी तैयारी, रामवनगमन, भरतकी चित्रकूटयात्रा, रामके द्वारा खर-दूषण आदि राक्षसोंका नाश तथा रावणका मारीचके पास जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तपस्वी मुनियों की रक्षा के लिए धर्मवत्सल श्री रामचन्द्र जी ने महाबली खर और दूषण को मारकर वहाँ चौदह हजार राक्षसों का वध किया और बुद्धिमान रघुनाथ जी ने उस वन को पुनः मंगलमय पवित्र स्थान बना दिया ॥43-44॥
To protect the ascetic sages, Dharmavatsal Shri Ramchandra ji killed the mighty Khar and Dushan and killed fourteen thousand demons there and that wise Raghunath ji again made that forest a sacred place of auspiciousness. 43-44॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥