Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.277.38: चित्रकूट पहुँचकर भरत ने श्रीराम और लक्ष्मण को तपस्वियों का वेश धारण किये तथा हाथों में धनुष लिये देखा।   |   mahabharat अध्याय 3.277: श्रीरामके राज्याभिषेककी तैयारी, रामवनगमन, भरतकी चित्रकूटयात्रा, रामके द्वारा खर-दूषण आदि राक्षसोंका नाश तथा रावणका मारीचके पास जाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 277: श्रीरामके राज्याभिषेककी तैयारी, रामवनगमन, भरतकी चित्रकूटयात्रा, रामके द्वारा खर-दूषण आदि राक्षसोंका नाश तथा रावणका मारीचके पास जाना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  3.277.38 
ददर्श चित्रकूटस्थं स रामं सहलक्ष्मणम्।
तापसानामलंकारं धारयन्तं धनुर्धरम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
चित्रकूट पहुँचकर भरत ने श्रीराम और लक्ष्मण को तपस्वियों का वेश धारण किये तथा हाथों में धनुष लिये देखा।
 
Reaching Chitrakoot, Bharata saw Sri Rama along with Lakshmana, wearing the attire of ascetics, holding bows in their hands.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)