Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.276.7: वहाँ रीछ और वानरों की पत्नियों से ऐसे वीर पुत्र को जन्म दो, जो इच्छानुसार रूप धारण करने में समर्थ हो, बलवान हो और पृथ्वी पर अवतार लेने वाले भगवान विष्णु का योग्य सहायक हो॥7॥ | mahabharat अध्याय 3.276: देवताओंका ब्रह्माजीके पास जाकर रावणके अत्याचारसे बचानेके लिये प्रार्थना करना तथा ब्रह्माजीकी आज्ञासे देवताओंका रीछ और वानरयोनिमें संतान उत्पन्न करना एवं दुन्दुभी गन्धर्वीका मन्थरा बनकर आना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विष्णो: सहायानृक्षीषु वानरीषु च सर्वश:।
जनयध्वं सुतान् वीरान् कामरूपबलान्वितान्॥ ७॥
अनुवाद
वहाँ रीछ और वानरों की पत्नियों से ऐसे वीर पुत्र को जन्म दो, जो इच्छानुसार रूप धारण करने में समर्थ हो, बलवान हो और पृथ्वी पर अवतार लेने वाले भगवान विष्णु का योग्य सहायक हो॥7॥
There, give birth to such a brave son from the wives of bears and monkeys, who is capable of taking any form as per his wish, strong and who is a worthy helper of Lord Vishnu who has incarnated on the earth'. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥