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mahabharat 3.276.15: इस प्रकार सब व्यवस्था करके जगत् के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने मंथरा बनी हुई दुंदुभि को जो-जो कार्य करने थे, सब समझा दिए॥15॥   |   mahabharat अध्याय 3.276: देवताओंका ब्रह्माजीके पास जाकर रावणके अत्याचारसे बचानेके लिये प्रार्थना करना तथा ब्रह्माजीकी आज्ञासे देवताओंका रीछ और वानरयोनिमें संतान उत्पन्न करना एवं दुन्दुभी गन्धर्वीका मन्थरा बनकर आना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 276: देवताओंका ब्रह्माजीके पास जाकर रावणके अत्याचारसे बचानेके लिये प्रार्थना करना तथा ब्रह्माजीकी आज्ञासे देवताओंका रीछ और वानरयोनिमें संतान उत्पन्न करना एवं दुन्दुभी गन्धर्वीका मन्थरा बनकर आना  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.276.15 
एवं विधाय तत् सर्वं भगवाँल्लोकभावन:।
मन्थरां बोधयामास यद् यत् कार्यं यथा यथा॥ १५॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार सब व्यवस्था करके जगत् के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने मंथरा बनी हुई दुंदुभि को जो-जो कार्य करने थे, सब समझा दिए॥15॥
 
In this way, after making all the arrangements, Lord Brahma, the creator of the world, explained to Dundubhi, who became Manthara, all the work that had to be done. 15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)