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mahabharat 3.276.10: अपनी दादी की बात सुनकर गन्धर्वी दुन्दुभि मनुष्य लोक में आई और मंथरा नाम से प्रसिद्ध कुबड़ी दासी हुई॥10॥   |   mahabharat अध्याय 3.276: देवताओंका ब्रह्माजीके पास जाकर रावणके अत्याचारसे बचानेके लिये प्रार्थना करना तथा ब्रह्माजीकी आज्ञासे देवताओंका रीछ और वानरयोनिमें संतान उत्पन्न करना एवं दुन्दुभी गन्धर्वीका मन्थरा बनकर आना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 276: देवताओंका ब्रह्माजीके पास जाकर रावणके अत्याचारसे बचानेके लिये प्रार्थना करना तथा ब्रह्माजीकी आज्ञासे देवताओंका रीछ और वानरयोनिमें संतान उत्पन्न करना एवं दुन्दुभी गन्धर्वीका मन्थरा बनकर आना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.276.10 
पितामहवच: श्रुत्वा गन्धर्वी दुन्दुभी तत:।
मन्थरा मानुषे लोके कुब्जा समभवत् तदा॥ १०॥
 
 
अनुवाद
अपनी दादी की बात सुनकर गन्धर्वी दुन्दुभि मनुष्य लोक में आई और मंथरा नाम से प्रसिद्ध कुबड़ी दासी हुई॥10॥
 
After listening to her grandmother, Gandharvi Dundubhi came to the human world and became a famous hunchbacked maid named Manthara. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)