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mahabharat 3.275.9: इन सब बालकों में विभीषण सबसे सुन्दर, भाग्यवान, धर्मरक्षक और कर्तव्यनिष्ठ था॥9॥   |   mahabharat अध्याय 3.275: रावण, कुम्भकर्ण, विभीषण, खर और शूर्पणखाकी उत्पत्ति, तपस्या और वरप्राप्ति तथा कुबेरका रावणको शाप देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 275: रावण, कुम्भकर्ण, विभीषण, खर और शूर्पणखाकी उत्पत्ति, तपस्या और वरप्राप्ति तथा कुबेरका रावणको शाप देना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.275.9 
विभीषणस्तु रूपेण सर्वेभ्योऽभ्यधिकोऽभवत्।
स बभूव महाभागो धर्मगोप्ता क्रियारति:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
इन सब बालकों में विभीषण सबसे सुन्दर, भाग्यवान, धर्मरक्षक और कर्तव्यनिष्ठ था॥9॥
 
Of all these children, Vibhishana was the most handsome, fortunate, protector of religion and duty-bound.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)