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mahabharat 3.275.38: नरभक्षी राक्षसों और महाबलशाली भूतों ने मिलकर दस सिर वाले रावण को राक्षसों का राजा बना दिया। 38.   |   mahabharat अध्याय 3.275: रावण, कुम्भकर्ण, विभीषण, खर और शूर्पणखाकी उत्पत्ति, तपस्या और वरप्राप्ति तथा कुबेरका रावणको शाप देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 275: रावण, कुम्भकर्ण, विभीषण, खर और शूर्पणखाकी उत्पत्ति, तपस्या और वरप्राप्ति तथा कुबेरका रावणको शाप देना  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  3.275.38 
राक्षसा: पुरुषादाश्च पिशाचाश्च महाबला:।
सर्वे समेत्य राजानमभ्यषिञ्चन् दशाननम्॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
नरभक्षी राक्षसों और महाबलशाली भूतों ने मिलकर दस सिर वाले रावण को राक्षसों का राजा बना दिया। 38.
 
The cannibalistic demons and the mighty ghosts together anointed the ten-headed Ravana as the King of Demons. 38.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)