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mahabharat 3.275.37: बड़े भाई बुद्धिमान भगवान कुबेर ने संतुष्ट होकर छोटे भाई विभीषण को यक्षों और राक्षसों की सेना का सेनापति बना दिया ॥37॥   |   mahabharat अध्याय 3.275: रावण, कुम्भकर्ण, विभीषण, खर और शूर्पणखाकी उत्पत्ति, तपस्या और वरप्राप्ति तथा कुबेरका रावणको शाप देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 275: रावण, कुम्भकर्ण, विभीषण, खर और शूर्पणखाकी उत्पत्ति, तपस्या और वरप्राप्ति तथा कुबेरका रावणको शाप देना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  3.275.37 
तस्मै स भगवांस्तुष्टो भ्राता भ्रात्रे धनेश्वर:।
सैनापत्यं ददौ धीमान् यक्षराक्षससेनयो:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
बड़े भाई बुद्धिमान भगवान कुबेर ने संतुष्ट होकर छोटे भाई विभीषण को यक्षों और राक्षसों की सेना का सेनापति बना दिया ॥37॥
 
Elder brother wise Lord Kubera was satisfied and made younger brother Vibhishana the commander of the army of Yakshas and demons. 37॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)