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mahabharat 3.274.17: इसके साथ ही उन्हें पुष्पक नामक विमान भी दिया, जो स्वतन्त्रतापूर्वक विचरण कर सकता था। इसके अतिरिक्त ब्रह्मा ने कुबेर को यक्षों का स्वामी बनाकर 'राजराज' की उपाधि दी॥ 17॥   |   mahabharat अध्याय 3.274: श्रीराम आदिका जन्म तथा कुबेरकी उत्पत्ति और उन्हें ऐश्वर्यकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 274: श्रीराम आदिका जन्म तथा कुबेरकी उत्पत्ति और उन्हें ऐश्वर्यकी प्राप्ति  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  3.274.17 
विमानं पुष्पकं नाम कामगं च ददौ प्रभु:।
यक्षाणामाधिपत्यं च राजराजत्वमेव च॥ १७॥
 
 
अनुवाद
इसके साथ ही उन्हें पुष्पक नामक विमान भी दिया, जो स्वतन्त्रतापूर्वक विचरण कर सकता था। इसके अतिरिक्त ब्रह्मा ने कुबेर को यक्षों का स्वामी बनाकर 'राजराज' की उपाधि दी॥ 17॥
 
Along with this, he was given a plane named Pushpak which could move freely. Apart from this, Brahma made Kuber the lord of the Yakshas and gave him the title of 'Rajaraj'.॥ 17॥
 
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि रामोपाख्यानपर्वणि रामरावणयोर्जन्मकथने चतु:सप्तत्यधिकद्विशततमोऽध्याय:॥ २७४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत रामोपाख्यानपर्वमें राम-रावणजन्मकथनविषयक दो सौ चौहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २७४॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)