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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 274: श्रीराम आदिका जन्म तथा कुबेरकी उत्पत्ति और उन्हें ऐश्वर्यकी प्राप्ति
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श्लोक 16
श्लोक
3.274.16
ईशानेन तथा सख्यं पुत्रं च नलकूबरम्।
राजधानीनिवेशं च लङ्कां रक्षोगणान्विताम्॥ १६॥
अनुवाद
उनके पितामह ने उन्हें भगवान महादेव से मिलवाया, उन्हें नलकूबर नामक पुत्र दिया और राक्षसों से भरी लंका को उनकी राजधानी बनाया ॥16॥
His grandfather introduced him to Lord Mahadev, gave him a son named Nalakubar and made Lanka, which was infested with demons, his capital. ॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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