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mahabharat 3.274.12: ब्रह्माजी के परम प्रिय मानसपुत्रों में से एक पुलस्त्यजी थे। उनकी गौ नामक पत्नी के गर्भ से वैश्रवण नामक एक पराक्रमी पुत्र उत्पन्न हुआ ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 3.274: श्रीराम आदिका जन्म तथा कुबेरकी उत्पत्ति और उन्हें ऐश्वर्यकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 274: श्रीराम आदिका जन्म तथा कुबेरकी उत्पत्ति और उन्हें ऐश्वर्यकी प्राप्ति  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.274.12 
पुलस्त्यो नाम तस्यासीन्मानसो दयित: सुत:।
तस्य वैश्रवणो नाम गवि पुत्रोऽभवत् प्रभु:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी के परम प्रिय मानसपुत्रों में से एक पुलस्त्यजी थे। उनकी गौ नामक पत्नी के गर्भ से वैश्रवण नामक एक पराक्रमी पुत्र उत्पन्न हुआ ॥12॥
 
One of Brahmaji's most beloved manasputra was Pulastyaji. From the womb of his wife named Gau, a powerful son named Vaishravana was born. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)