Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.272.68: प्रसन्न होकर बलि ने उस अमर ब्राह्मण देवता को मुँह माँगा वर दे दिया। फिर भूमि नापते समय श्रीहरिका अत्यन्त अद्भुत दिव्य रूप धारण करके प्रकट हुईं॥68॥ | mahabharat अध्याय 3.272: भीमद्वारा बंदी होकर जयद्रथका युधिष्ठिरके सामने उपस्थित होना, उनकी आज्ञासे छूटकर उसका गंगाद्वारमें तप करके भगवान् शिवसे वरदान पाना तथा भगवान् शिवद्वारा अर्जुनके सहायक भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रसन्न होकर बलि ने उस अमर ब्राह्मण देवता को मुँह माँगा वर दे दिया। फिर भूमि नापते समय श्रीहरिका अत्यन्त अद्भुत दिव्य रूप धारण करके प्रकट हुईं॥68॥
Being happy, Bali gave what he asked for to that immortal Brahmin god. Then while measuring the land, Sri Harika appeared in a very wonderful divine form. 68॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥