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जटी यज्ञोपवीती च भगवान् बालरूपधृक्।
यज्ञवाटं गत: श्रीमान् दानवेन्द्रस्य वै तदा॥ ६४॥
अनुवाद
'उनके सिर पर जटाएँ थीं और गले में जनेऊ सुशोभित था।' उस समय, बालक रूप धारण किए भगवान उस स्थान के पास गए जहाँ दैत्यराज बलि यज्ञ कर रहे थे।
‘He had matted hair on his head and a sacred thread adorned his neck. At that time, the Lord in the form of a child went near the place where demon king Bali was performing a sacrifice.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥