Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.272.62: उस समय वह कश्यपजी का तेजस्वी पुत्र था। अदिति देवी ने उसे अपने गर्भ में धारण किया था। पूरे एक हजार वर्ष तक उसे गर्भ में धारण करने के बाद अदिति ने एक अद्भुत बालक को जन्म दिया॥ 62॥ | mahabharat अध्याय 3.272: भीमद्वारा बंदी होकर जयद्रथका युधिष्ठिरके सामने उपस्थित होना, उनकी आज्ञासे छूटकर उसका गंगाद्वारमें तप करके भगवान् शिवसे वरदान पाना तथा भगवान् शिवद्वारा अर्जुनके सहायक भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय वह कश्यपजी का तेजस्वी पुत्र था। अदिति देवी ने उसे अपने गर्भ में धारण किया था। पूरे एक हजार वर्ष तक उसे गर्भ में धारण करने के बाद अदिति ने एक अद्भुत बालक को जन्म दिया॥ 62॥
‘At that time he was the illustrious son of Kashyapji. Aditi Devi had conceived him in her womb. After carrying him in her womb for a full thousand years, Aditi gave birth to a wonderful child.॥ 62॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥