Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.272.31: [अब मैं तुम्हें मनुष्य रूप में अर्जुन के सहायक भगवान नारायण की महिमा सुनाता हूँ, सुनो] भगवान नारायण देवताओं के भी देव, सनातन, सर्वव्यापी, देवगुरु, सर्वशक्तिमान, प्रकृति-पुरुषरूप, अव्यक्त, विश्वात्मा और विश्वरूप हैं॥31॥ | mahabharat अध्याय 3.272: भीमद्वारा बंदी होकर जयद्रथका युधिष्ठिरके सामने उपस्थित होना, उनकी आज्ञासे छूटकर उसका गंगाद्वारमें तप करके भगवान् शिवसे वरदान पाना तथा भगवान् शिवद्वारा अर्जुनके सहायक भगवान् श्रीकृष्णकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
[अब मैं तुम्हें मनुष्य रूप में अर्जुन के सहायक भगवान नारायण की महिमा सुनाता हूँ, सुनो] भगवान नारायण देवताओं के भी देव, सनातन, सर्वव्यापी, देवगुरु, सर्वशक्तिमान, प्रकृति-पुरुषरूप, अव्यक्त, विश्वात्मा और विश्वरूप हैं॥31॥
['Now I tell you the glory of Lord Narayan, the helper of Arjuna in the human form, listen] Lord Narayan is also the god of the gods, eternal, omnipresent, Devguru, all-powerful, nature-man form, unmanifested, world soul and world form. 31॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥