Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.271.9: उस समय राजा युधिष्ठिर ने स्वयं युद्धभूमि में अपने ऊपर आक्रमण करने वाले सौ वीर क्षत्रियों में से सौ प्रमुख योद्धाओं को पलक झपकते ही मार डाला। | mahabharat अध्याय 3.271: पाण्डवोंद्वारा जयद्रथकी सेनाका संहार, जयद्रथका पलायन, द्रौपदी तथा नकुल-सहदेवके साथ युधिष्ठिरका आश्रमपर लौटना तथा भीम और अर्जुनका वनमें जयद्रथका पीछा करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा स्वयं सुवीराणां प्रवराणां प्रहारिणाम्।
निमेषमात्रेण शतं जघान समरे तदा॥ ९॥
अनुवाद
उस समय राजा युधिष्ठिर ने स्वयं युद्धभूमि में अपने ऊपर आक्रमण करने वाले सौ वीर क्षत्रियों में से सौ प्रमुख योद्धाओं को पलक झपकते ही मार डाला।
At that time King Yudhishthira himself killed all the hundred leading warriors of the hundred valiant Kshatriyas who were attacking him in the battle-field in the blink of an eye.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥