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mahabharat 3.271.7: जयद्रथ की सेना के सामने जाकर उसने अपनी गदा के प्रहार से एक हाथी, उसके सवार और चौदह पैदल सैनिकों को मार डाला।   |   mahabharat अध्याय 3.271: पाण्डवोंद्वारा जयद्रथकी सेनाका संहार, जयद्रथका पलायन, द्रौपदी तथा नकुल-सहदेवके साथ युधिष्ठिरका आश्रमपर लौटना तथा भीम और अर्जुनका वनमें जयद्रथका पीछा करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 271: पाण्डवोंद्वारा जयद्रथकी सेनाका संहार, जयद्रथका पलायन, द्रौपदी तथा नकुल-सहदेवके साथ युधिष्ठिरका आश्रमपर लौटना तथा भीम और अर्जुनका वनमें जयद्रथका पीछा करना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.271.7 
गजं तु सगजारोहं पदातींश्च चतुर्दश।
जघान गदया भीम: सैन्धवध्वजिनीमुखे॥ ७॥
 
 
अनुवाद
जयद्रथ की सेना के सामने जाकर उसने अपनी गदा के प्रहार से एक हाथी, उसके सवार और चौदह पैदल सैनिकों को मार डाला।
 
Going to the front of Jayadratha's army, he killed an elephant along with its rider and fourteen infantrymen with a blow of his mace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)